The power of Compounding in Hindi | कंपाउंडिंग की शक्ति {2021}

जब आप निवेश करते हैं तो आपको उस पर रिटर्न मिलते हैं। यदि निवेश लंबे समय तक रखते हैं तो कंपाउंडिंग की शक्ति या power of compounding की मदद से इसका मूल्य तेज़ी से बढ़ता है। तो आइए समझते हैं कि power of compounding क्या है।
 
The power of Compounding in Hindi | कंपाउंडिंग की शक्ति {2021}
power of compounding

पावर ऑफ कंपाउंडिंग को प्रसिद्ध जर्मन वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टाइन (Albert Einstein) ने दुनिया का आठवां अजूबा का है। वे कहते हैं, ‘जो इसे समझेगा वह कमाएगा, और जो नहीं समझेगा वह गँवाएगा।’ Compounding एक ऐसी शक्ति है जिससे यदि आप समझ जाएँ तो आप स्मार्ट निवेश के ज़रिये अच्छे रिटर्न कमा सकते हैं।

तो पहले समझते हैं कि simple interest और compound interest क्या है और इन दोनों में क्या अंतर है। जैसा कि आपने पढ़ा होगा कि सिंपल इंटरेस्ट (S.I.) = (P*R*T) / 100 और कंपाउंड इंटरेस्ट (C.I.) = P (1+R / 100) T – P. यहाँ P=Principal, R=Rate और T=Time है।

आइए अब एक उदहारण की मदद से समझते हैं कि इन दोनों में क्या अंतर है। यदि आप Rs. 1,00,000 / -निवेश करते हैं 10% ब्याज पर, तो सिंपल इंटरेस्ट में आपको निवेश रकम पर हर साल Rs.10,000/- का रिटर्न मिलेगा, और यदि आप 10 साल तक निवेश करते हैं तो 10 साल के बाद invested रकम दुगनी हो जायेगी। वही रकम यदि आप compound interest के साथ निवेश करते हैं तो आपकी इन्वेस्टेड रकम हर साल compoundedly बढ़ेगी और 10 साल में आपका पैसा ढाई गुना से भी ज़्यादा बढ़ेगा, जोकि आप नीचे टेबल में देख सकते हैं।

simple interest और compound interest में बेसिक अंतर यह है कि compound interest में जो रिटर्न आप कमाते हैं, अगली निवेश अवधि पर आपको उस पर भी रिटर्न मिलते हैं। जबकि simple interest में ऐसा नहीं होता। अब अगर हम 10 साल के सिंपल और कंपाउंड इंटरेस्ट के रिटर्न का अंतर देखें तो आप समझ सकते हैं कि कैसे टाइम के साथ-साथ कंपाउंड इंटरेस्ट से मिलने वाला रिटर्न साल दर साल बढ़ता जा रहा है। इसलिए invested रकम में टाइम को बहुत महत्व दिया जाता है।

आपने कई निवेश विशेषज्ञों से सुना होगा कि अगर आपको अच्छे रिटर्न चाहिए तो आपको लंबे समय तक invested रहना होगा, और कम आयु में निवेश की शुआत करनी होगी। क्योंकि लंबे समय में compounding की मदद से आपके रिटर्न तेज़ी से बढ़ते हैं और कम आयु में निवेश शुरू करने पर आपके निवेश को बढ़ने का ज़्यादा वक्त मिलता है। तो आईये समझते हैं कि निवेश में time को इतना महत्त्व क्यों दिया जाता है और इसका क्या लाभ है।

मान लीजिये कि आपने Rs. 1,00,000/- निवेश किए हैं, जहाँ से आप को 12 % रिटर्न मिलता है। तो एक साल के बाद आपकी रकम Rs. 1,12,000/- हो जायेगी। अब अगर आप यह रकम 6 साल के लिए निवेश रखते हैं तो आपके अमाउंट का मूल्य Rs.1,97,000/- हो जाएगा। अर्थात आपका अमाउंट लगभग दोगुना हो जाएगा। तो आप देख सकते हैं कि 1 साल में आपके पैसे Rs. 12,000/- बढ़ गए और 6 साल में मूल्य लगभग double हो गया। तो इस उदहारण आप समझ गए होंगे कि टाइम का निवेश में किता महत्व होता है। तो आइए इसे और अच्छे से समझते हैं।

मान लीजिये कि आप यही Rs.1,00,000/- को 30 साल तक invested रखते हैं। तो 30 साल बाद जो आपको रिटर्न मिलेंगे वह 30 गुना बढ़ जाएंगे। आपकी निवेश इस वैल्यू की कीमत Rs.30,00,000/- हो जायेगी। तो इससे आप जान गए होंगे कि time के साथ-साथ power of compounding कैसे बढती है। compound interest में निवेश की हुई रकम घातीय (exponential) तरीके से बढ़ती है और आपके पैसे की value बड़ी तेजी के साथ बढ़ती जाती है। तो दोस्तों, आइए आप समझते हैं कि हमें अपना निवेश कम आयु में क्यों शुरू करना चाहिए और इसका क्या लाभ है। इसे हम एक छोटी-सी कहानी से समझेंगे।

दो दोस्त हैं अजय और अतुल, जिन्होंने एक साथ नौकरी करनी शुरू की। अजय ने 25 साल की उम्र में ही हर महीने Rs.10,000/- बचाना शुरू कर दिया और हर साल Rs.1,20,000/- निवेश करता था। जबकि अतुल ने अभी कोई निवेश शुरू नहीं किया। तो, 10 साल बाद अजय ने अपने सालाना 1,20,000/- के निवेश पर 8% annual return कमाया और compounding की मदद से निवेश रकम का मूल्य 10 साल में Rs.18,00,000/- से भी ऊपर हो गया। दूसरी ओर अतुल अभी भी शून्य निवेश पर है।

अब अतुल ने 10 साल बाद, यानी 35 साल की उम्र में निवेश शुरू किया और सालाना Rs.1,20,000/- निवेश करना शुरू किया। अजय ने 10 साल बाद अपना निवेश किया हुआ अमाउंट जो था उसे invested रखा और सलाना निवेश बंद कर दिया। तो नीचे आप देख सकते हैं 20 साल बाद अजय के निवेश की वैल्यू Rs.40,00,000/- हो गयी और अतुल की Rs.18,00,000/-.

अतुल उसके बाद भी हर साल Rs.1,20,000/- निवेश करता रहा और 25 साल बाद जब वह दोनों रिटायर होने लगे तो अजय के निवेश का मूल्य करीब 60 लाख हो गया था, जबकि अतुल के निवेश का मूल्य 35 लाख ही हुआ था।

तो आप साफ़ देख सकते हैं कि जल्दी निवेश करने से अजय ने थोड़े समय तक नियमित निवेश किया और ज़्यादा रिटर्न पाया। अगर हम निवेश राशि का संचयी योग (cumulative sum) लें, तो अजय ने 12 लाख का निवेश किया और 25 साल की नौकरी के दौरान उसे 60 लाख का return रिटर्न मिला। जबकि अतुल ने अपनी नौकरी के दौरान 18 लाख निवेश किए और रिटायरमेंट के समय उसे सिर्फ़ 35 लाख ही मिले।

तो इसलिए हम आप सबको यही सलाह देंगे कि आप जितनी जल्दी हो सके अपनी बचत को निवेश करना शुरू करें और पावर power of compounding का लाभ लें।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको power of compounding अच्छे से समझ आ गया होगा। तो, अपने पैसों का निवेश अभी से शुरू करें, और इस लेख को अपने दोस्तों और परिवार के साथ अवश्य साझा करें।

लेख पढ़ने के लिए धन्यवाद।

Comments