Magic of thinking BIG in Hindi | बड़ी सोच का जादू {2021}
हमारी ज़िन्दगी में कामयाबी हमारे दिमाग के आकार या हमारे IQ लेवल पर निर्भर नहीं करती, बल्कि हमारी सोच के आकार पर निर्भर करती है। जितनी बड़ी हमारी सोच होगी उतना ही ज़्यादा हम ज़िन्दगी में कामयाब होंगे। David J. Schwartz ने इस बात को अपनी बुक The magic of thinking big में बड़ी सोच का जादू कहा है।
यह जादू हर कामयाब शख्स के पास होता है। इस लेख में हम David J. Schwartz की किताब The magic of thinking Big से 5 बड़े ideas के बारे में जानेंगे। तो कृपया इस लेख को पूरा पढ़ें, क्योंकि यह आपके लिए काफी फायदेमंद होगा।
बड़ा सोचें – Think big
बिग आईडिया नंबर 1 है थिंक बिग। यदि हम success या successful लोगों की बात करें, तो याद रखें सफलता inches या pounds में नापी नहीं जाती। ना ही यह कॉलेज डिग्री या फैमिली बैकग्राउंड से नापी जाती है। सफलता को नापने का पैमाना है इंसान की thinking या सोच। जितना बड़ा आप सोचेंगे, उतने ही कामयाब आप अपनी ज़िन्दगी में बनेंगे। क्या बड़ा सोचना इतनी अहम् चीज़ है? बहुत से लोगों को ऐसा लगता है कि केवल बड़ा सोचने से क्या होता है।
ज़्यादातर विद्यार्थी जो कॉलेज से ग्रैजुएट हो रहे होते हैं, उनसे यदि आप पूछें, तो उनकी ज़िन्दगी का एक ही मकसद होता है-एक descent नौकरी हासिल करना। उन्हें एक बहुत अच्छी जॉब की भी ख्वाहिश नहीं होती। बल्कि वह मुनासिब जॉब के चक्कर में होते हैं। ऐसे लोग बहुत ही कम होते हैं जिनकी नज़र एक शानदार बिजनेस या ज़बरदस्त जॉब पर होती है। जो अपनी ज़िन्दगी में millionaire या billionaire बनना चाहते हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कि बड़ा सोचना सिर्फ़ पहला कदम होता है। कामयाब होने के लिए और बहुत से स्टेप उठाने ज़रूरी होते हैं, मेहनत करनी पड़ती है, planning करनी पड़ती है। लेकिन अगर आप पहला कदम ही ना उठा पायें तो फिर आपके कामयाब होने की उम्मीद ज़्यादा नहीं रह जाती। अगर आप अपनी ज़िन्दगी का मकसद एक निश्चित जॉब हासिल करना ही बनायेंगे तो फिर कभी भी कुछ बड़ा नहीं कर पायेंगे।
उदहारण के तौर पे, यदि आपने अपनी ज़िन्दगी का मकसद सौ मीटर की रेस जीतना बनाया हुआ है तो फिर आप marathon रनर कभी नहीं बन सकते। इसमें कोई शक नहीं कि marathon रेस जीतने के लिए आपको सख्त मेहनत करनी पड़ेगी, आपको ट्रेनिंग लेनी पड़ेगी। परन्तु यह सब तभी होगा जब आप मैराथन जीतने के बारे में सोचोगे। यह सब कभी नहीं होगा अगर आप 100 मीटर की रेस जीतने के बारे में ही सोचते रहे। इसलिए ज़िन्दगी में हमेशा अपनी सोच को बड़ा रखें। अंग्रेज़ी में एक कहावत है-“Always aim for the Moon, if you miss you will be among stars.”
अपने पर्यावरण का प्रबंधन करें – Manage your environment
इंसानी दिमाग एक बड़ा ही interesting ओर capable organ है। ये कई तरीकों से काम कर सकता है। कुछ तरीकों से आपको कामयाबी मिलती है और कुछ तरीकों से आपको नाकामी मिलती है। ये हम पर निर्भर करता है कि हम अपने दिमाग को कौन-सा तरीका देते हैं। जैसे हम अपने शारीर को जो diet देंगे वही body को मिलेगी। बिल्कुल इसी तरह दिमाग को जो भी हम देते हैं वह वही लेता है। वह diet है हमारा वातावरण या हमारा environment.
हमारा वातावरण हमारे conscious और subconscious दिमाग को प्रभावित करता है। आज आप इंडिया में रह रहे हैं। यदि आप अमेरिका या यूरोप के किसी शहर में पैदा हुए होते तो क्या आपकी वाही personality होती जो आपकी आज है? आप यकीनन हर लिहाज़ से एक अलग शख्स होते। आपका पहनावा, आपकी बोली, आपकी शिक्षा, यहाँ तक कि आपका धर्मं भी अलग होता। इसे कहते हैं पर्यावरण का प्रभाव।
यदि आप कामयाब होना चाहते हैं तो पर्यावरण के अनुकूल (environment conscious) हो जाएँ। अपने पर्यावरण को इस तरह बनाएँ कि वह आप की कामयाबी में आपकी मदद करे, ना कि आपकी टांग खींचे। यदि आप ऐसे माहौल में रह रहे हैं जहाँ पर आप बाकी लोगों के मुकाबले अधिक कामयाब हो, तो क्या आप ज़िन्दगी में ज़्यादा आगे बढ़ पायेंगे? या जब आप ऐसे माहौल में हैं जहाँ पर लोग आपसे ज़्यादा successful हैं? जहाँ आपको एक चुनौतीपूर्ण पर्यावरण मिलता है वहीँ आपको अवसर मिलते हैं, और आप ज़िन्दगी में आगे बढ़ते हैं।
इंसान के अंदर गुण होता है जिससे वह अपने environment को विकसित और डिज़ाइन कर सकता है, ताकि वह पर उस environment का अच्छा उपयोग कर सके। उदहारण के तौर पर यदि आप अपना वज़न कम करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको अपने घर का environment बदलना चाहिए। आपको उन चीजों की उपलब्धता कम करनी होगी जिनके खाने से आपका वज़न बढ़े। अगर आपके किचन या आपके फ्रिज में healthy diet होगी तो आप वही खाएंगे। इसलिए, अगर आप ज़िन्दगी में आगे बढ़ना चाहते हैं तो हमेशा अपने लिए एक चुनौतीपूर्ण वातावरण (challenging environment) का चयन करें।
खुद को महत्व दें और खुद पर विश्वास करें – Value yourself and believe in yourself
हमें हमेशा वैसा ही treatment और उतनी ही इज्ज़त मिलती है जितना हमें अंदर से यकीन होता है कि हम इसके लायक हैं। अगर हम विश्वास करेंगे कि हम किसी काबिल नहीं तो कोई हमें किसी काबिल नहीं समझेगा। कई लोग कभी भी इस बात पर यकीन नहीं कर पाते कि वह 1 दिन millionaire बनेंगे। वे एक क्षण के लिए भी ऐसा सोच नहीं पाते। उनके लिए ऐसा सोचना ही मुश्किल होता है कि “मैं, और एक millionaire? नहीं, यह नहीं हो सकता।” और उसकी बड़ी वजह यह है कि वह अपने आप को किसी काबिल नहीं समझते।
बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं जिन्हें अगर किसी ऐसी जॉब वैकेंसी के बारे में पता चले जिसकी उन्हें ख्वाहिश हो, जिसको आइडियल समझते हो, लेकिन फिर भी वह post पर आवेदन करने से घबराए कि “मुझे यह कहाँ मिलने वाली है? मैं तो इंटरव्यू में ही reject हो जाऊंगा। किसी खूबसूरत लड़की जिसको पसंद करते होंगे, जिसके साथ ज़िन्दगी गुजाना चाहते होंगे, लेकिन उसको कभी प्रपोज़ नहीं कर पाएंगे, क्योंकि वह समझते होंगे कि” मैं इस लड़की के काबिल नहीं। वह यक़ीनन मुझे reject कर देगी”, ऐसे लोग अपने आप को कम मूल्यवान समझते हैं। वे अपने ऊपर बड़ा low price tag लगाते हैं और ये चीज़ उन्हें ज़िन्दगी में पीछे ले जाती है।
अगर आप अपने आप को अहमियत नहीं देंगे, अपने आपको पसंद नहीं करेंगे, तो क्या आप दूसरे लोगों से expect करेंगे कि वह आपको अहमियत दें? आपको पसंद करें? आपकी इज्जत करें? दोस्तों, याद रखें ऐसा कभी नहीं होगा। अगर किसी लड़की के बारे में आप सोचेंगे कि मैं उसके काबिल नहीं तो वह क्यों आपको अपने काबिल समझेगी?
अपने विकास में मदद करने के लिए लक्ष्यों का उपयोग करें – Use goals to help you grow
आप कामयाबी की ख्वाहिश तो कर सकते हैं, कामयाबी का ख्वाब तो देख सकते हैं, लेकिन कामयाबी हासिल नहीं कर सकते जब तक आपके पास आपका जीवन लक्ष्य या life goal नहीं है। कामयाब ज़िन्दगी के लिए जीवन लक्ष्य का होना उतना ही ज़रूरी है जितना जिंदा रहने के लिए हवा है। जैसे बगैर ऑक्सीजन के हम जीवित नहीं रह सकते, बिल्कुल इसी तरह life goal के बगैर हम कामयाबी हासिल नहीं कर सकते। हम में से बहुत से लोगों की ज़िन्दगी का कोई मकसद नहीं होता। उन्हें पता ही नहीं होता कि वह क्या हासिल करना चाहते हैं। इसलिए वह कभी भी कुछ प्राप्त नहीं कर पाते।
यदि आप किसी रेलवे स्टेशन पर जाएँ, या किसी बस स्टैंड पर जाएँ और वहाँ जाकर टिकट मांगे, तो आपको कभी भी टिकट नहीं मिलेगा जब तक आप उन्हें यह नहीं बताएंगे कि आपने जाना कहाँ है, आपकी destination क्या है। किसी भी बड़ी कंपनी ने हमेशा goal निर्धारित किए होते हैं। वह अगले 10 सालों में क्या achieve करेंगे, कितना grow करेंगे, अपने व्यापार को कितना बड़ा करेंगे, उन्होंने सब plan किया होता है, और फी उसी के हिसाब से वे कार्य करते हैं। बिल्कुल इसी तरह हमारे पास भी हमारी life का plan होना चाहिए। हमारे पास दो images होनी चाहिए-Now person और want to be person. अभी मैं कहाँ हूँ और अगले 10 सालों में मैं कहाँ होना चाहता हूँ। आपके पास एक लक्ष्य होना चाहिए और फिर उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आप प्रयासों की योजना बनाएँ। आपको अपने अंदर क्या सुधर लाना है, अपनी प्रतिभा, अपनी skill, अपनी क्षमता को किस तरह बेहतर बनाना है। आपको यह सब plan करना चाहिए।
हमें बिल्कुल इसी तरह life goal बनाना चाहिए जिस तरह एक organization अपना goal सेट करती है। फिर उस life goal को वार्षिक लक्ष्यों में विभाजित करना चाहिए। वार्षिक लक्ष्यों को मासिक लक्ष्यों में, और फिर मासिक लक्ष्यों को दैनिक लक्ष्यों में विभाजित करना चाहिए। आपके हर दिन का एक उद्देश्य होना चाहिए जो आपको अपने life goal को प्राप्त करने में मदद करे। तभी आप ज़िन्दगी में कामयाबी हासिल कर सकते हैं।
कार्रवाई की आदत डालें – Get the action habit
सिर्फ एक अच्छा विचार या idea होना काफी नहीं होता। अगर आपके पास एक ज़बर्दस्त idea है, लेकिन उस पर आप अमल ही नहीं कर पाते, तो वह बेकार है। उससे कई गुना बेहतर तो साधारण-सा idea है जिस पर आप अमल कर दें, जिसको execute कर जाएँ। सफल और असफल लोगों में सबसे बड़ा अंतर यही होता है। सफल लोग active होते हैं, जबकि असफल लोग passive होते हैं। Active लोगों को जब कोई idea मिलता है, तो वह उसपर तुरंत काम शुरू करते हैं। इसके विपरीत passive लोग चीज़ों को लंबित या procrastinate करते हैं। वे सही मौके या वक्त का इंतज़ार करते हैं।
परिणामस्वरूप active लोग जब अपने कामों को पूरा करते हैं तो उनमें आत्मविश्वास आता है और उनकी income बढ़ती है। वहीँ passive लोगों में काम ना करने के कारण आत्मविश्वास कम रहता है। इसलिए औरों की नज़रों में उनका मूल कम रहता है और अंत में उनकी income भी कम होती है।
याद रखें, अगर आप सही वक्त के इंतजार में हैं तो सही वक्त आज का वक्त है और अगर आप perfect condition के इंतजार में हैं, तो वह कभी नहीं आएगा। इसलिए साथियों active बनिए। perfect condition के इंतजार में मत रहिए। याद रखें, अच्छा वक्त वही है जिस पर अमल हो और अमल करने का दिन आज का दिन है।
टिपण्णी कर ज़रूर बताएँ कि आपको कौन-सा idea सबसे ज़्यादा अच्छा लगा और यदि इस लेख में आपको कोई एक बात भी अच्छी लगी है तो इसे अपने मित्रों और अन्य लोगों के साथ अवश्य सांझा करें।
धन्यवाद।
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यह जादू हर कामयाब शख्स के पास होता है। इस लेख में हम David J. Schwartz की किताब The magic of thinking Big से 5 बड़े ideas के बारे में जानेंगे। तो कृपया इस लेख को पूरा पढ़ें, क्योंकि यह आपके लिए काफी फायदेमंद होगा।
बड़ा सोचें – Think big
बिग आईडिया नंबर 1 है थिंक बिग। यदि हम success या successful लोगों की बात करें, तो याद रखें सफलता inches या pounds में नापी नहीं जाती। ना ही यह कॉलेज डिग्री या फैमिली बैकग्राउंड से नापी जाती है। सफलता को नापने का पैमाना है इंसान की thinking या सोच। जितना बड़ा आप सोचेंगे, उतने ही कामयाब आप अपनी ज़िन्दगी में बनेंगे। क्या बड़ा सोचना इतनी अहम् चीज़ है? बहुत से लोगों को ऐसा लगता है कि केवल बड़ा सोचने से क्या होता है।
ज़्यादातर विद्यार्थी जो कॉलेज से ग्रैजुएट हो रहे होते हैं, उनसे यदि आप पूछें, तो उनकी ज़िन्दगी का एक ही मकसद होता है-एक descent नौकरी हासिल करना। उन्हें एक बहुत अच्छी जॉब की भी ख्वाहिश नहीं होती। बल्कि वह मुनासिब जॉब के चक्कर में होते हैं। ऐसे लोग बहुत ही कम होते हैं जिनकी नज़र एक शानदार बिजनेस या ज़बरदस्त जॉब पर होती है। जो अपनी ज़िन्दगी में millionaire या billionaire बनना चाहते हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कि बड़ा सोचना सिर्फ़ पहला कदम होता है। कामयाब होने के लिए और बहुत से स्टेप उठाने ज़रूरी होते हैं, मेहनत करनी पड़ती है, planning करनी पड़ती है। लेकिन अगर आप पहला कदम ही ना उठा पायें तो फिर आपके कामयाब होने की उम्मीद ज़्यादा नहीं रह जाती। अगर आप अपनी ज़िन्दगी का मकसद एक निश्चित जॉब हासिल करना ही बनायेंगे तो फिर कभी भी कुछ बड़ा नहीं कर पायेंगे।
उदहारण के तौर पे, यदि आपने अपनी ज़िन्दगी का मकसद सौ मीटर की रेस जीतना बनाया हुआ है तो फिर आप marathon रनर कभी नहीं बन सकते। इसमें कोई शक नहीं कि marathon रेस जीतने के लिए आपको सख्त मेहनत करनी पड़ेगी, आपको ट्रेनिंग लेनी पड़ेगी। परन्तु यह सब तभी होगा जब आप मैराथन जीतने के बारे में सोचोगे। यह सब कभी नहीं होगा अगर आप 100 मीटर की रेस जीतने के बारे में ही सोचते रहे। इसलिए ज़िन्दगी में हमेशा अपनी सोच को बड़ा रखें। अंग्रेज़ी में एक कहावत है-“Always aim for the Moon, if you miss you will be among stars.”
अपने पर्यावरण का प्रबंधन करें – Manage your environment
इंसानी दिमाग एक बड़ा ही interesting ओर capable organ है। ये कई तरीकों से काम कर सकता है। कुछ तरीकों से आपको कामयाबी मिलती है और कुछ तरीकों से आपको नाकामी मिलती है। ये हम पर निर्भर करता है कि हम अपने दिमाग को कौन-सा तरीका देते हैं। जैसे हम अपने शारीर को जो diet देंगे वही body को मिलेगी। बिल्कुल इसी तरह दिमाग को जो भी हम देते हैं वह वही लेता है। वह diet है हमारा वातावरण या हमारा environment.
हमारा वातावरण हमारे conscious और subconscious दिमाग को प्रभावित करता है। आज आप इंडिया में रह रहे हैं। यदि आप अमेरिका या यूरोप के किसी शहर में पैदा हुए होते तो क्या आपकी वाही personality होती जो आपकी आज है? आप यकीनन हर लिहाज़ से एक अलग शख्स होते। आपका पहनावा, आपकी बोली, आपकी शिक्षा, यहाँ तक कि आपका धर्मं भी अलग होता। इसे कहते हैं पर्यावरण का प्रभाव।
यदि आप कामयाब होना चाहते हैं तो पर्यावरण के अनुकूल (environment conscious) हो जाएँ। अपने पर्यावरण को इस तरह बनाएँ कि वह आप की कामयाबी में आपकी मदद करे, ना कि आपकी टांग खींचे। यदि आप ऐसे माहौल में रह रहे हैं जहाँ पर आप बाकी लोगों के मुकाबले अधिक कामयाब हो, तो क्या आप ज़िन्दगी में ज़्यादा आगे बढ़ पायेंगे? या जब आप ऐसे माहौल में हैं जहाँ पर लोग आपसे ज़्यादा successful हैं? जहाँ आपको एक चुनौतीपूर्ण पर्यावरण मिलता है वहीँ आपको अवसर मिलते हैं, और आप ज़िन्दगी में आगे बढ़ते हैं।
इंसान के अंदर गुण होता है जिससे वह अपने environment को विकसित और डिज़ाइन कर सकता है, ताकि वह पर उस environment का अच्छा उपयोग कर सके। उदहारण के तौर पर यदि आप अपना वज़न कम करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको अपने घर का environment बदलना चाहिए। आपको उन चीजों की उपलब्धता कम करनी होगी जिनके खाने से आपका वज़न बढ़े। अगर आपके किचन या आपके फ्रिज में healthy diet होगी तो आप वही खाएंगे। इसलिए, अगर आप ज़िन्दगी में आगे बढ़ना चाहते हैं तो हमेशा अपने लिए एक चुनौतीपूर्ण वातावरण (challenging environment) का चयन करें।
खुद को महत्व दें और खुद पर विश्वास करें – Value yourself and believe in yourself
हमें हमेशा वैसा ही treatment और उतनी ही इज्ज़त मिलती है जितना हमें अंदर से यकीन होता है कि हम इसके लायक हैं। अगर हम विश्वास करेंगे कि हम किसी काबिल नहीं तो कोई हमें किसी काबिल नहीं समझेगा। कई लोग कभी भी इस बात पर यकीन नहीं कर पाते कि वह 1 दिन millionaire बनेंगे। वे एक क्षण के लिए भी ऐसा सोच नहीं पाते। उनके लिए ऐसा सोचना ही मुश्किल होता है कि “मैं, और एक millionaire? नहीं, यह नहीं हो सकता।” और उसकी बड़ी वजह यह है कि वह अपने आप को किसी काबिल नहीं समझते।
बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं जिन्हें अगर किसी ऐसी जॉब वैकेंसी के बारे में पता चले जिसकी उन्हें ख्वाहिश हो, जिसको आइडियल समझते हो, लेकिन फिर भी वह post पर आवेदन करने से घबराए कि “मुझे यह कहाँ मिलने वाली है? मैं तो इंटरव्यू में ही reject हो जाऊंगा। किसी खूबसूरत लड़की जिसको पसंद करते होंगे, जिसके साथ ज़िन्दगी गुजाना चाहते होंगे, लेकिन उसको कभी प्रपोज़ नहीं कर पाएंगे, क्योंकि वह समझते होंगे कि” मैं इस लड़की के काबिल नहीं। वह यक़ीनन मुझे reject कर देगी”, ऐसे लोग अपने आप को कम मूल्यवान समझते हैं। वे अपने ऊपर बड़ा low price tag लगाते हैं और ये चीज़ उन्हें ज़िन्दगी में पीछे ले जाती है।
अगर आप अपने आप को अहमियत नहीं देंगे, अपने आपको पसंद नहीं करेंगे, तो क्या आप दूसरे लोगों से expect करेंगे कि वह आपको अहमियत दें? आपको पसंद करें? आपकी इज्जत करें? दोस्तों, याद रखें ऐसा कभी नहीं होगा। अगर किसी लड़की के बारे में आप सोचेंगे कि मैं उसके काबिल नहीं तो वह क्यों आपको अपने काबिल समझेगी?
अपने विकास में मदद करने के लिए लक्ष्यों का उपयोग करें – Use goals to help you grow
आप कामयाबी की ख्वाहिश तो कर सकते हैं, कामयाबी का ख्वाब तो देख सकते हैं, लेकिन कामयाबी हासिल नहीं कर सकते जब तक आपके पास आपका जीवन लक्ष्य या life goal नहीं है। कामयाब ज़िन्दगी के लिए जीवन लक्ष्य का होना उतना ही ज़रूरी है जितना जिंदा रहने के लिए हवा है। जैसे बगैर ऑक्सीजन के हम जीवित नहीं रह सकते, बिल्कुल इसी तरह life goal के बगैर हम कामयाबी हासिल नहीं कर सकते। हम में से बहुत से लोगों की ज़िन्दगी का कोई मकसद नहीं होता। उन्हें पता ही नहीं होता कि वह क्या हासिल करना चाहते हैं। इसलिए वह कभी भी कुछ प्राप्त नहीं कर पाते।
यदि आप किसी रेलवे स्टेशन पर जाएँ, या किसी बस स्टैंड पर जाएँ और वहाँ जाकर टिकट मांगे, तो आपको कभी भी टिकट नहीं मिलेगा जब तक आप उन्हें यह नहीं बताएंगे कि आपने जाना कहाँ है, आपकी destination क्या है। किसी भी बड़ी कंपनी ने हमेशा goal निर्धारित किए होते हैं। वह अगले 10 सालों में क्या achieve करेंगे, कितना grow करेंगे, अपने व्यापार को कितना बड़ा करेंगे, उन्होंने सब plan किया होता है, और फी उसी के हिसाब से वे कार्य करते हैं। बिल्कुल इसी तरह हमारे पास भी हमारी life का plan होना चाहिए। हमारे पास दो images होनी चाहिए-Now person और want to be person. अभी मैं कहाँ हूँ और अगले 10 सालों में मैं कहाँ होना चाहता हूँ। आपके पास एक लक्ष्य होना चाहिए और फिर उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आप प्रयासों की योजना बनाएँ। आपको अपने अंदर क्या सुधर लाना है, अपनी प्रतिभा, अपनी skill, अपनी क्षमता को किस तरह बेहतर बनाना है। आपको यह सब plan करना चाहिए।
हमें बिल्कुल इसी तरह life goal बनाना चाहिए जिस तरह एक organization अपना goal सेट करती है। फिर उस life goal को वार्षिक लक्ष्यों में विभाजित करना चाहिए। वार्षिक लक्ष्यों को मासिक लक्ष्यों में, और फिर मासिक लक्ष्यों को दैनिक लक्ष्यों में विभाजित करना चाहिए। आपके हर दिन का एक उद्देश्य होना चाहिए जो आपको अपने life goal को प्राप्त करने में मदद करे। तभी आप ज़िन्दगी में कामयाबी हासिल कर सकते हैं।
कार्रवाई की आदत डालें – Get the action habit
सिर्फ एक अच्छा विचार या idea होना काफी नहीं होता। अगर आपके पास एक ज़बर्दस्त idea है, लेकिन उस पर आप अमल ही नहीं कर पाते, तो वह बेकार है। उससे कई गुना बेहतर तो साधारण-सा idea है जिस पर आप अमल कर दें, जिसको execute कर जाएँ। सफल और असफल लोगों में सबसे बड़ा अंतर यही होता है। सफल लोग active होते हैं, जबकि असफल लोग passive होते हैं। Active लोगों को जब कोई idea मिलता है, तो वह उसपर तुरंत काम शुरू करते हैं। इसके विपरीत passive लोग चीज़ों को लंबित या procrastinate करते हैं। वे सही मौके या वक्त का इंतज़ार करते हैं।
परिणामस्वरूप active लोग जब अपने कामों को पूरा करते हैं तो उनमें आत्मविश्वास आता है और उनकी income बढ़ती है। वहीँ passive लोगों में काम ना करने के कारण आत्मविश्वास कम रहता है। इसलिए औरों की नज़रों में उनका मूल कम रहता है और अंत में उनकी income भी कम होती है।
याद रखें, अगर आप सही वक्त के इंतजार में हैं तो सही वक्त आज का वक्त है और अगर आप perfect condition के इंतजार में हैं, तो वह कभी नहीं आएगा। इसलिए साथियों active बनिए। perfect condition के इंतजार में मत रहिए। याद रखें, अच्छा वक्त वही है जिस पर अमल हो और अमल करने का दिन आज का दिन है।
टिपण्णी कर ज़रूर बताएँ कि आपको कौन-सा idea सबसे ज़्यादा अच्छा लगा और यदि इस लेख में आपको कोई एक बात भी अच्छी लगी है तो इसे अपने मित्रों और अन्य लोगों के साथ अवश्य सांझा करें।
धन्यवाद।

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